History Of Mutual Funds In India

History Of Mutual Funds In India

म्यूच्यूअल फंड भारत में काफी ज्यादा लोकप्रिय रहा है। इन्वेस्टमेंट की पहली किस्त मात्र Rs100 होने की वजह से हर  लोग म्युचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहता है। इस फंड में गरीब से लेकर अमीर सभी लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार की इस पहल की शुरुआत कई साल पहले हुई थी। भारत में म्यूचुअल फंड की शुरुआत सन 1963 में हुई थी। इसके बाद म्यूच्यूअल फंड लगातार लोकप्रिय होता जा रहा है। म्यूचुअल फंड की लोकप्रियता सरल तरीके से इन्वेस्टमेंट के नियम और न्यूनतम राशि कम होने की वजह से है।

Formation of Mutual Fund

यूटीआई का गठन संसद के एक अधिनियम कहते हैं। 1963 में हुआ था इसकी स्थापना भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा की गई और शुरुआती समय में म्यूचुअल फंड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अंतर्गत काम करता था। सन 1978 में यूटीआई को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से अलग कर दिया। भारत की औद्योगिक विकास बैंक को यूटीआई स्थान पर प्रशासनिक नियंत्रण का अधिकार मिल गया था। जिसके बाद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री अलग से काम करना शुरू कर दिया।

History Of Mutual Funds In India

भारत में म्यूच्यूअल फंड का विकास तीन चार चरणों में संपन्न हुआ।

  1. इसका पहला चरण सन 1964 से 1986 तक चला। इस चरण में म्यूचुअल फंड में काफी अहम कदम उठाए और लोगों द्वारा म्यूचुअल फंड में 6700 करोड रुपए भी निवेश किए गए। उसके बाद विजन फंड का दूसरा चरण लोगों के लिए काफी ज्यादा विश्वास जनक साबित हुआ और लोगों ने भरपूर पैसे म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किए।
  2. म्यूच्यूअल फंड के दूसरे चरण की शुरुआत सन 1986 से मैं हुई थी म्यूच्यूअल फंड का दूसरा चरण 1993 तक चला। दूसरे चरण में म्यूचल फंड ने कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए इस दूसरे चरण में म्यूच्यूअल फंड का कुल निवेश 47004 करोड रुपए हो गया। इस चरण के म्यूच्यूअल  फंड में निवेश करने वाले निवेशकों का काफी ज्यादा उत्साह देखने को नजर आया।
  3. म्यूच्यूअल फंड का तीसरा चरण सन 1993 में शुरू हुआ था। जो साल 2003 तक चला। इस चरण में प्राइवेट सेक्टर में भी इस फंड को मंजूरी मिली और उसके पश्चात म्यूच्यूअल फंड अधिक मुनाफा कमाने के लिए प्राइवेट सेक्टर में भी अपने निवेश को बढ़ावा देना शुरू किया। इस चरण का अंत 2003 में हुआ। इस चरण में भी निवेशकों ने भारी मात्रा में पैसे निवेश करके एक इतिहास बना दिया।
  4. म्यूच्यूअल फंड के चौथे चरण की शुरुआत साल 2003 से हुई जो अब तक चल रहा है। इस चरण को भी दो भागों में बांट दिया। इसके पहले चरण में आर्थिक मंदी के कारण म्युचुअल फंड पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ा। हालांकि इस चरण के समय पूरी दुनिया पर आर्थिक स्थिति का खतरा मंडरा रहा था। फिर भी भारत में म्यूचुअल फंड के चौथे चरण के पहले भाग में लोगों द्वारा काफी ज्यादा पैसा निवेश किया गया।

म्यूच्यूअल फंड का चौथा चरण साल 2016 में वापस पटरी पर आया। लेकिन उससे पहले बीच के तीन-चार सालों में निवेशकों को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ। जिसकी वजह से लोगों ने म्यूचुअल फंड में निवेश करने से इंकार करना शुरू कर दिया। लेकिन साल 2016 के बाद म्यूच्यूअल फंड ने एक नई ऊंचाई को हासिल किया है और अब लोग म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए बेहद ज्यादा उत्साहित हैं।

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